Zindagi Bhar Nahi Bhulegi Lyrics – ज़िन्दगी भर नहीं भूलेगी 1969

ज़िन्दगी भर नहीं भूलेगी वो बरसात की रात
एक अंजान हसीना से मुलाकात की रात

हाये वो रेशमी ज़ुल्फ़ोंसे बरसता पानी
फूल से गालों पे रुकने को तरसता पानी
दिल में तूफान उठाते हुये, जज़बात की रात

डर के बिजली से अचानक वो लिपटना उसका
और फिर शर्म से बल खा के सिमटना उसका
कभी देखी न सुनी ऐसी तिलिस्मात की रात

सुर्ख आंचल को दबा कर जो निचोड़ा उसने
दिल पे जलता हुआ एक तीर सा छोड़ा उसने
आग पानी में लगाते हुये हालत की रात

मेरे नग्मों में जो बसती है वो तसवीर थी वो
नौजवानी के हसीन ख्वाब की ताबिर थी हो
आसमानों से उतर आई थी जो रात की रात

Zindagi Bhar Nahi Bhulegi Lyrics Video

Credit: Zindagi Bhar Nahi Bhulegi

Lyricist: Sahir Ludhianvi
Singer: Mohammad Rafi
Music: Roshan
Movie: Barsaat Ki Raat (1960)
For more songs Beautiful Song Lyrics

Tags:

Zindagi Bhar Nahi Lyrics – ज़िन्दगी भर नहीं भूलेगी. Hindi Old Songs, Beautiful Song Lyrics. The song “Zindagi Bhar Nahi Bhulegi” is from Barsaat Ki Raat. Song of the lyrics are written by Sahir Ludhianvi and Music given by Roshan. The song is sung by Mohammad Rafi.

Scroll to Top