Are Bhai Nikal Ke Aa Ghar se Lyrics – अरे भाई निकल के the timeless 1956 film New Delhi. The iconic vintage lines sung by Kishore Kumar.
अरे भाई निकल के आ घर से… आ घर से
दुनिया की रौनक देख फिर से… देख ले फिर से
अरे भाई निकल के आ घर से
केम ऊंघे छे भाई घनशामजी हो
केम ऊंघे छे भाई घनशामजी
दुनिया बदल गई प्यारे
आगे निकल गई प्यारे
अँधे कुँए में छुपके क्यूँ
बैठा हुआ है मन मारे
अरे भाई निकल के आ घर से …
तुला भीति ही कसली वाटते रे
तुला भीति ही कसली वाटते
पानी को तेल को छोड़ा
बिजली की रेल को छोड़ा
कल चाँद और तारों में
पहुँचेगा एटमी घोड़ा
अरे भाई निकल के आ घर से …
केनो भाबेन ओकारोने बंशीबाबू रे
केनो भाबेन ओकारोने बंशीबाबू
कल जो था कल रहा होगा
आगे की सोच क्या होगा
टूटी पुरानी ढपली पे
तू कल का मर्सिया मत गा
अरे भाई निकल के आ घर से
Are Bhai Nikal Ke Aa Ghar se Lyrics Video
Credit:
Song: Are Bhai Nikal Ke Aa Ghar Se
Lyricist: Shailendra
Singer: Kishore Kumar
Music Director: Shankar Jaikishan
Movie: New Delhi (1956)
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