Koi Sagar Dil Ko Bahlata Nahin Lyrics – कोई साग़र दिल को बहलाता नहीं
कोई साग़र दिल को बहलाता नहीं
बेख़ुदी में भी करार आता नहीं
मैं कोई पत्थर नहीं इन्सान हूँ
कैसे कह दूँ गम से घबराता नहीं
कल तो सब थे, कारवाँ के साथ साथ
आज कोई राह दिखलाता नहीं
ज़िन्दगी के आईने को तोड़ दो
इस में अब कुछ भी नज़र आता नहीं