Trishulavari Kashipuri Lyrics – त्रिशुळावरी काशीपुरी चक्रावरी पंढरी

The abhang Trishulavari Kashipuri Lyrics in Marathi. त्रिशुळावरी काशीपुरी by Sant Eknath a 16th-century Marathi saint.

त्रिशुळावरी काशीपुरी | चक्रावरी पंढरी ॥
दोन्ही सारखे सारखे | विश्वनाथ विठ्ठल सखे ॥१॥

एका विभूती चा गोळा | एका कस्तुरीचा टिळा॥
एक गजचर्म व्याघ्रांबर | एक भरजरी पितांबर ॥2॥

एक कस्तूरीचा हार | एका वासुकीचा भार॥
एक गरुडा वरती असे | एक नंदी वरती बैसे ॥3॥

एका अर्धांगी पार्वती | एका रुक्मिणी चा पती॥
एका जनार्दनी हरी हरा | एका वेलांटी चा फेरा ॥4॥

Trishulavari Kashipuri Lyrics Video

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